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التفاصيل البيبلوغرافية
المؤلف الرئيسي: Dr. Chanki Raj Verma
التنسيق: Recurso digital
اللغة:الهندية
منشور في: Zenodo 2019
الموضوعات:
الوصول للمادة أونلاين:https://doi.org/10.5281/zenodo.17183117
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جدول المحتويات:
  • <p>सारांष - <br>प्रस्तुत षोध कार्य में दुर्ग संभाग के अषासकीय एवं केन्द्रीय विद्यालयों में कार्यरत षिक्षको की <br>व्यावसायिक संतुष्टि का तुलनात्मक अध्ययन करना है। इस शोध का उद्देष्य है अषासकीय व केन्द्रीय <br>विद्यालय के षिक्षको की व्यावसायिक संतुष्टि में अंतर को जानना व उनके कारणों का विष्लेषण करना <br>है। इस शोध के लिए तीन परिकल्पना बनायी है -1) अषासकीय एवं केन्द्रीय विद्यालय में कार्यरत <br>षिक्षको की व्यावसायिक संतुष्टि में सार्थक अंतर नहीें पाया जाएगा, 2) अषासकीय एवं केन्द्रीय <br>विद्यालय में कार्यरत महिला षिक्षिकाओं की व्यावसायिक संतुष्टि में सार्थक अंतर नहीें पाया जाएगा, 3) <br>अषासकीय एवं केन्द्रीय विद्यालय में कार्यरत पुरूष षिक्षको की व्यावसायिक संतुष्टि में सार्थक अंतर <br>नहीें पाया जाएगा। इस शोध कार्य के लिए दुर्ग संभाग के 2 अषासकीय एवं 2 केन्द्रीय विद्यालयों के <br>प्रत्येक विद्यालय से 10-10 महिला व पुरूष षिक्षकों का चयन किया इस प्रकार कुल 80 कार्यरत <br>षिक्षकों कों यादृच्छिक न्यादर्ष विधि से चयन किया गया। इन न्यादर्ष से सुचनाओं को एकत्रित करने <br>के लिए मीना दीक्षित द्वारा निर्मित मानकीकृत व्यावसायिक संतुष्टि मापनी का चयन किया गया। इस <br>शोध की परिकल्पना के रूप मे अषासकीय एवं केन्द्रीय विद्यालय में कार्यरत महिला एवं पुरूष षिक्षको <br>की व्यावसायिक संतुष्टि में सार्थक अंतर नहीें पाया जाएगा के प्राथमिक प्राप्तांकों के विष्लेषण के लिए <br>विवरणात्मक सांखिकीय के मध्यमान, मानक विचलन (ैक्), मानक त्रुटि (ैम्क) एवं ज्.ज्म्ैज् का <br>प्रयोग करने पर ज्ञात हुआ कि अषासकीय विद्यालय के षिक्षकों की अपेक्षा केन्द्रीय विद्यालय के <br>षिक्षकों में व्यावसासिक संतुष्टि अधिक पायी गयी। जिससे यह भी ज्ञात हुआ कि व्यावसायिक संतुष्टि <br>का मुख्य कारण उनको प्राप्त होने वाली कम मेहताना एवं सुविधाएं देना है। </p>