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Podrobná bibliografie
Hlavní autor: डाॅ. जय सिंह यादव,सुनीता गुर्जर
Médium: Recurso digital
Jazyk:hindština
Vydáno: Zenodo 2025
On-line přístup:https://doi.org/10.5281/zenodo.18312831
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Obsah:
  • <p>महादेवी वर्मा की काव्य रचनाएँ दर्शन, रहस्य, वेदना, करूणा और प्रतीकों की ऐसी दुनिया में ले जाती हैं, जहाँ छायावादी काव्य संस्कारों का चरम रूप विद्यमान है। उनकी कविता में आत्मानुभूति की गहराई है और भटके हुए पथिकों के लिए दिशा निर्देश भी। <br>महादेवी वर्मा अपने काव्य साहित्य में एक वृहत्तर मानवीय संवेदना के भाव को प्रस्तुत करती हैं, उनके काव्य साहित्य में मूल्यगत चिंताएँ हैं, पर उन्हांेने दर्शन बघारने का, उपदेशक बनने या फतवा देने की भूल नहंी की और इसलएि वे सर्जन की लम्बी यात्रा कर सकीं, सार्थक, ईमानदार, निर्मल यात्रा जिसकी सीमांए हो सकती हैं, पर सार्थकता जगजाहिर और किसी भी दौर में यह निःसंकोच कहा जायेगा कि उनके काव्य साहित्य में एक पथरेखा जिस पर एक प्रतिभा निर्भीक भाव से, पूरे आत्मविश्वास के साथ चलती रही।</p>