भारतीय समाज में लैंगिक असमानता एक विश्लेषण

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Main Author: सुनील कुमार
Format: Recurso digital
Language:Hindi
Published: Zenodo 2024
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_version_ 1866901767954890752
author सुनील कुमार
author_facet सुनील कुमार
contents <p>लैगिक समानता के अन्तर्गत महिला सषक्तिकरण के साथ-साथ समाज में जाति, वर्ग विभेद के साथ होने वाले लैंगिक<br>भेदभाव को दूर करना अति आवष्यक है, उनमें भी महिला, सषक्तिकरण, महिलाओं के साथ तथा पिछड़े वर्गों के साथ<br>लैंगिक भेदभाव घर में, घर के बाहर, विभिन्न व्यावसायिक कार्य स्थलों आदि पर होता है जो उनके सषक्तिकरण को रोकता<br>है। महिलाओं के साथ कार्यस्थलों पर होने वाले लैंगिक भेदभाव को जड़ से खत्म करने के लिए महिला षिक्षा को बढ़ावा<br>देने के साथ-साथ महिलाओं को जागरूकता अभियान के द्वारा प्रषिक्षित किया जाना चाहिए। रीति-रिवाज आदि के माध्यम<br>से जो कुरीतियाँ समाज में प्रचलित है उन्हें रोका जाना चाहिए। षिक्षा, चिकित्सा, राजनीति एवं असंगठित मजदूरों पर किये<br>गए इस षोध से निष्कर्ष निकला है कि विभिन्न व्यवसायों में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। इस भेदभाव<br>को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाने की आवष्यकता है। इसके लिए कुछ कठोर उपायों को लागू करना होगा।</p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_14841007
institution Zenodo
language hin
publishDate 2024
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle भारतीय समाज में लैंगिक असमानता एक विश्लेषण
सुनील कुमार
लैंगिक विभिन्नता, महिला सषक्तिकरण, व्यावसायिक, कार्यस्थल, सामाजिक भेदभाव।
<p>लैगिक समानता के अन्तर्गत महिला सषक्तिकरण के साथ-साथ समाज में जाति, वर्ग विभेद के साथ होने वाले लैंगिक<br>भेदभाव को दूर करना अति आवष्यक है, उनमें भी महिला, सषक्तिकरण, महिलाओं के साथ तथा पिछड़े वर्गों के साथ<br>लैंगिक भेदभाव घर में, घर के बाहर, विभिन्न व्यावसायिक कार्य स्थलों आदि पर होता है जो उनके सषक्तिकरण को रोकता<br>है। महिलाओं के साथ कार्यस्थलों पर होने वाले लैंगिक भेदभाव को जड़ से खत्म करने के लिए महिला षिक्षा को बढ़ावा<br>देने के साथ-साथ महिलाओं को जागरूकता अभियान के द्वारा प्रषिक्षित किया जाना चाहिए। रीति-रिवाज आदि के माध्यम<br>से जो कुरीतियाँ समाज में प्रचलित है उन्हें रोका जाना चाहिए। षिक्षा, चिकित्सा, राजनीति एवं असंगठित मजदूरों पर किये<br>गए इस षोध से निष्कर्ष निकला है कि विभिन्न व्यवसायों में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। इस भेदभाव<br>को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाने की आवष्यकता है। इसके लिए कुछ कठोर उपायों को लागू करना होगा।</p>
title भारतीय समाज में लैंगिक असमानता एक विश्लेषण
topic लैंगिक विभिन्नता, महिला सषक्तिकरण, व्यावसायिक, कार्यस्थल, सामाजिक भेदभाव।
url https://doi.org/10.5281/zenodo.14841007