| _version_ | 1866901352720891904 |
|---|---|
| author | Kishor Kumar |
| author_facet | Kishor Kumar |
| contents | <p>मोर्ले-मिंटो सुधार 1909 में अंग्रेजों द्वारा भारत के शासन के तरीके में किए गए सुधार थे। ब्रिटिश सरकार ने कुछ भारतीयों को देश के निर्णय लेने में अधिक शामिल होने का मौका देने के लिए ये बदलाव किए। इन सुधारों से पहले, अंग्रेजों ने सरकार पर ज़्यादा नियंत्रण किया था, लेकिन मोर्ले-मिंटो सुधारों ने ज़्यादा भारतीय नेताओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का मौका दिया। </p> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_15348191 |
| institution | Zenodo |
| language | hin |
| publishDate | 2017 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | मार्ले मिंटो एक्ट १९०९ एवं पृथक प्रतिनिधित्व प्रणाली :एक आलोचनात्मक मूल्यांकन Kishor Kumar <p>मोर्ले-मिंटो सुधार 1909 में अंग्रेजों द्वारा भारत के शासन के तरीके में किए गए सुधार थे। ब्रिटिश सरकार ने कुछ भारतीयों को देश के निर्णय लेने में अधिक शामिल होने का मौका देने के लिए ये बदलाव किए। इन सुधारों से पहले, अंग्रेजों ने सरकार पर ज़्यादा नियंत्रण किया था, लेकिन मोर्ले-मिंटो सुधारों ने ज़्यादा भारतीय नेताओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का मौका दिया। </p> |
| title | मार्ले मिंटो एक्ट १९०९ एवं पृथक प्रतिनिधित्व प्रणाली :एक आलोचनात्मक मूल्यांकन |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.15348191 |