भारतीय राज्य व्यवस्था की पुनर्संरचना के सम्बन्ध् में जे. पीकी अवधारणा एवं प्रासंगिकता

Fuente: Zenodo
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Autore principale: Kishor Kumar
Natura: Recurso digital
Lingua:hindi
Pubblicazione: Zenodo 2021
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_version_ 1866901499362148352
author Kishor Kumar
author_facet Kishor Kumar
contents <p>प्रस्तुत शोध पत्रा में इस परिकल्पना को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है किस प्रकार भारतीय लोकतन्त्रा में<br>जनसहभागिता को सुदृढ़ किया जाए तथा द्वेषमुक्त, भयरहित, धनबल मुक्त एवं अपराध मुक्त लोकतान्त्रिाक व्यवस्था में<br>समाज के सभी वर्गो की समुचित भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस सम्बन्ध् में यह शोध पत्रा भारतीय राज्य व्यवस्था की<br>पुनर्संरचना में जे.पी. की अवधारणा को वर्तमान परिपे्रक्ष्य में प्रस्तुत करने का प्रयास है।</p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_15348316
institution Zenodo
language hin
publishDate 2021
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle भारतीय राज्य व्यवस्था की पुनर्संरचना के सम्बन्ध् में जे. पीकी अवधारणा एवं प्रासंगिकता
Kishor Kumar
<p>प्रस्तुत शोध पत्रा में इस परिकल्पना को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है किस प्रकार भारतीय लोकतन्त्रा में<br>जनसहभागिता को सुदृढ़ किया जाए तथा द्वेषमुक्त, भयरहित, धनबल मुक्त एवं अपराध मुक्त लोकतान्त्रिाक व्यवस्था में<br>समाज के सभी वर्गो की समुचित भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस सम्बन्ध् में यह शोध पत्रा भारतीय राज्य व्यवस्था की<br>पुनर्संरचना में जे.पी. की अवधारणा को वर्तमान परिपे्रक्ष्य में प्रस्तुत करने का प्रयास है।</p>
title भारतीय राज्य व्यवस्था की पुनर्संरचना के सम्बन्ध् में जे. पीकी अवधारणा एवं प्रासंगिकता
url https://doi.org/10.5281/zenodo.15348316