बीना दास, भारत की सशक्त एवं निर्भीक महिला स्वतंत्रता सेनानी का ऐतिहासिक अवलोकन

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Main Author: आर्यन, आदर्श
Format: Recurso digital
Language:Hindi
Published: Zenodo 2025
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author आर्यन, आदर्श
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contents <table> <tbody> <tr> <td> <div> <p><span lang="HI">अंग्रेजी सरकार के खिलाफ भारतीय क्रांतिकारियों ने सशस्त्र और असशस्त्र दोनों तरह से आंदोलन किए |</span><span lang="HI">। खासकर की बंगाल में</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">जहाँ सिर्फ  सरकार में खिलाफ प्रदर्शन करना</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">धरना देना</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">स्वतंत्रता सेनानियों को संदेश पहुँचाना और यहाँ तक कि उनके लिए हथियार इकठ्टे करके पहुँचाना</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">ये सब काम भारत की बेटियाँ निर्भीक होकर कर रही थी।</span></p> <p><span lang="HI">हर विद्यार्थी किसी न किसी क्रांतिकारी दल से जुड़ा था और ब्रिटिश अफसरों को मार गिराने और देश को आजाद कराने के लिए तत्पर था। 21 साल के बिना दास ने जब बंगाल के गवर्नर स्टेनली जैक्सन पर भरी सभा में गोलियाँ चलाई तो इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस लड़की की साहस ने अंग्रेजो के दिलो में डर भरा बल्कि स्त्रियों के प्रति भारतीयों की रूढि़वादी सोच को भी चुनौती दी। बी</span><span lang="HI">ना दास की तरह और भी न जाने कितनी ही बेटियाँ थी भारत की जिन्होंने आजादी के संग्राम में अपनी जान की बाजी लगाई। कारवास की यातनाएँ सहने से लेकर सीने पर गोली खाने तक</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">किसी भी अंजाम से वे पीछे नहीं हटीं।</span></p> </div> </td> </tr> </tbody> </table>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_15661717
institution Zenodo
language hin
publishDate 2025
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle बीना दास, भारत की सशक्त एवं निर्भीक महिला स्वतंत्रता सेनानी का ऐतिहासिक अवलोकन
आर्यन, आदर्श
रूढि़वादी, लाठीखेला, प्रतिबंधित, प्रांतीय, कृतसंकल्प, श्रृंखलाझंकार, दीक्षांत समारोह
<table> <tbody> <tr> <td> <div> <p><span lang="HI">अंग्रेजी सरकार के खिलाफ भारतीय क्रांतिकारियों ने सशस्त्र और असशस्त्र दोनों तरह से आंदोलन किए |</span><span lang="HI">। खासकर की बंगाल में</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">जहाँ सिर्फ  सरकार में खिलाफ प्रदर्शन करना</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">धरना देना</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">स्वतंत्रता सेनानियों को संदेश पहुँचाना और यहाँ तक कि उनके लिए हथियार इकठ्टे करके पहुँचाना</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">ये सब काम भारत की बेटियाँ निर्भीक होकर कर रही थी।</span></p> <p><span lang="HI">हर विद्यार्थी किसी न किसी क्रांतिकारी दल से जुड़ा था और ब्रिटिश अफसरों को मार गिराने और देश को आजाद कराने के लिए तत्पर था। 21 साल के बिना दास ने जब बंगाल के गवर्नर स्टेनली जैक्सन पर भरी सभा में गोलियाँ चलाई तो इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस लड़की की साहस ने अंग्रेजो के दिलो में डर भरा बल्कि स्त्रियों के प्रति भारतीयों की रूढि़वादी सोच को भी चुनौती दी। बी</span><span lang="HI">ना दास की तरह और भी न जाने कितनी ही बेटियाँ थी भारत की जिन्होंने आजादी के संग्राम में अपनी जान की बाजी लगाई। कारवास की यातनाएँ सहने से लेकर सीने पर गोली खाने तक</span><span lang="EN-IN">, </span><span lang="HI">किसी भी अंजाम से वे पीछे नहीं हटीं।</span></p> </div> </td> </tr> </tbody> </table>
title बीना दास, भारत की सशक्त एवं निर्भीक महिला स्वतंत्रता सेनानी का ऐतिहासिक अवलोकन
topic रूढि़वादी, लाठीखेला, प्रतिबंधित, प्रांतीय, कृतसंकल्प, श्रृंखलाझंकार, दीक्षांत समारोह
url https://doi.org/10.5281/zenodo.15661717