प्राचीन भारतीय भौगोलिक ज्ञान पर विज्ञान और प्रौधोगिकी का प्रभाव

Fuente: Zenodo
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Autori principali: पंकज कुमार, आनन्द प्रकाश
Natura: Recurso digital
Lingua:hindi
Pubblicazione: Zenodo 2025
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author पंकज कुमार
आनन्द प्रकाश
author_facet पंकज कुमार
आनन्द प्रकाश
contents <p>प्राचीन भारतीय भौगोलिक ज्ञान परम्परा में भूगोल विषय ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका प्रस्तुत की है। प्राचीन भूगोल विषय<br>केवल विभिन्न स्थानों, पर्वत, पठारों नदी घाटियों इत्यादि की पहचान तक ही सीमित नहीं था, अपितु इसका सम्बन्ध<br>प्राकृतिक घटनाओं, पर्यावरणीय घटनाओं, मानवीय जीवन, खगोलीय घटनाओं, जलमण्डल, स्थल मण्डल, वायुमण्डल एवं<br>स्थापत्य विज्ञान आदि से था। यदि प्राचीन भारतीय भूगोल पर दृष्टि डाले तो उस समय भौगोलिक ज्ञान किसी भी प्रकार<br>से केवल सैद्धान्तिक न होकर अनुभव, प्रयोग एवं प्रेक्षणों पर आधारित था। प्राचीन वैदिक काल से लेकर वर्तमान आधुनिक<br>काल तक भूगोल विषय की अपनी एक केन्द्रीय भूमिका रही हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में हम जानने का प्रयास करेगें की किस<br>प्रकार प्राचीन भारतीय भौगोलिक ज्ञान परम्परा ने वर्तमान विज्ञान और प्रौधोगिकी को समृद्ध बनाने और वर्तमान आकार देने<br>में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_15823798
institution Zenodo
language hin
publishDate 2025
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle प्राचीन भारतीय भौगोलिक ज्ञान पर विज्ञान और प्रौधोगिकी का प्रभाव
पंकज कुमार
आनन्द प्रकाश
प्राचीन, भारतीय, भौगोलिक ज्ञान, विज्ञान, प्रौधोगिकी एवं प्रभाव।
<p>प्राचीन भारतीय भौगोलिक ज्ञान परम्परा में भूगोल विषय ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका प्रस्तुत की है। प्राचीन भूगोल विषय<br>केवल विभिन्न स्थानों, पर्वत, पठारों नदी घाटियों इत्यादि की पहचान तक ही सीमित नहीं था, अपितु इसका सम्बन्ध<br>प्राकृतिक घटनाओं, पर्यावरणीय घटनाओं, मानवीय जीवन, खगोलीय घटनाओं, जलमण्डल, स्थल मण्डल, वायुमण्डल एवं<br>स्थापत्य विज्ञान आदि से था। यदि प्राचीन भारतीय भूगोल पर दृष्टि डाले तो उस समय भौगोलिक ज्ञान किसी भी प्रकार<br>से केवल सैद्धान्तिक न होकर अनुभव, प्रयोग एवं प्रेक्षणों पर आधारित था। प्राचीन वैदिक काल से लेकर वर्तमान आधुनिक<br>काल तक भूगोल विषय की अपनी एक केन्द्रीय भूमिका रही हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में हम जानने का प्रयास करेगें की किस<br>प्रकार प्राचीन भारतीय भौगोलिक ज्ञान परम्परा ने वर्तमान विज्ञान और प्रौधोगिकी को समृद्ध बनाने और वर्तमान आकार देने<br>में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
title प्राचीन भारतीय भौगोलिक ज्ञान पर विज्ञान और प्रौधोगिकी का प्रभाव
topic प्राचीन, भारतीय, भौगोलिक ज्ञान, विज्ञान, प्रौधोगिकी एवं प्रभाव।
url https://doi.org/10.5281/zenodo.15823798