भारतीय शास्त्रीय संगीत में इमदादखानी (इटावा) घराने की वादन परम्परा: एक अध्ययन
Fuente:
Zenodo
Gespeichert in:
| 1. Verfasser: | |
|---|---|
| Format: | Recurso digital |
| Sprache: | Hindi |
| Veröffentlicht: |
Zenodo
2025
|
| Schlagworte: | |
| Online-Zugang: | |
| Tags: |
Tag hinzufügen
Keine Tags, Fügen Sie den ersten Tag hinzu!
|
| _version_ | 1866901537285996544 |
|---|---|
| author | Devi, Asha |
| author_facet | Devi, Asha |
| contents | <p>भारतीय शास्त्रीय संगीत में घराना पद्धति एक ऐसी संस्था है, जिसमें कलाकार अपने वंश की संगीत परम्परा का निर्वाह पूरे लगाव के साथ करता है। घराना शब्द हिन्दी भाषा के ‘घर’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है-‘परिवार’ या ‘घर’, संगीत में इसका अर्थ है-‘‘जहाँ से सांगीतिक विचारधारा का जन्म होता है।’’ घरानेदार संगीत भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठा का आधार माना जाता है। घराना परम्परा एक गुरु से शुरू होती है और पीढ़ी दर पीढ़ी शिष्यों द्वारा आगे बढ़ाई जाती है। हर घराने की अपनी रागदारी, ताल प्रयोग, भाव अभिव्यक्ति और तकनीकी प्रस्तुति की खास विशेषताएं होती हैं। जैसे कि ख्याल गायन में ग्वालियर, आगरा तथा किराना घराने प्रसिद्ध हैं वैसे ही वादन शैली में इमदादखानी (इटावा), मैहर और सेनिया घराने प्रसिद्ध हैं। घराने भारतीय संगीत की विविधता, गहराई और जीवंतता को संरक्षित करते हैं।</p> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_16642030 |
| institution | Zenodo |
| language | hin |
| publishDate | 2025 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | भारतीय शास्त्रीय संगीत में इमदादखानी (इटावा) घराने की वादन परम्परा: एक अध्ययन Devi, Asha घराना परिवार संगीत <p>भारतीय शास्त्रीय संगीत में घराना पद्धति एक ऐसी संस्था है, जिसमें कलाकार अपने वंश की संगीत परम्परा का निर्वाह पूरे लगाव के साथ करता है। घराना शब्द हिन्दी भाषा के ‘घर’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है-‘परिवार’ या ‘घर’, संगीत में इसका अर्थ है-‘‘जहाँ से सांगीतिक विचारधारा का जन्म होता है।’’ घरानेदार संगीत भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठा का आधार माना जाता है। घराना परम्परा एक गुरु से शुरू होती है और पीढ़ी दर पीढ़ी शिष्यों द्वारा आगे बढ़ाई जाती है। हर घराने की अपनी रागदारी, ताल प्रयोग, भाव अभिव्यक्ति और तकनीकी प्रस्तुति की खास विशेषताएं होती हैं। जैसे कि ख्याल गायन में ग्वालियर, आगरा तथा किराना घराने प्रसिद्ध हैं वैसे ही वादन शैली में इमदादखानी (इटावा), मैहर और सेनिया घराने प्रसिद्ध हैं। घराने भारतीय संगीत की विविधता, गहराई और जीवंतता को संरक्षित करते हैं।</p> |
| title | भारतीय शास्त्रीय संगीत में इमदादखानी (इटावा) घराने की वादन परम्परा: एक अध्ययन |
| topic | घराना परिवार संगीत |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.16642030 |