दिनेश नंदिनी डालमिया कृत 'मुझे माफ़ करना' उपन्यास में चित्रित नारी जीवन मूल्य
Fuente:
Zenodo
Guardado en:
| Autor principal: | |
|---|---|
| Formato: | Recurso digital |
| Lenguaje: | hindi |
| Publicado: |
Zenodo
2025
|
| Acceso en línea: | |
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|
| _version_ | 1866901544932212736 |
|---|---|
| author | आरती विजय कुंभार |
| author_facet | आरती विजय कुंभार |
| contents | <div> <p><em><span lang="MR">मानव जीवन के लिए जो कुछ भी ईष्ट</span></em><em><span>, <span lang="MR">कल्याणकारी</span>, <span lang="MR">शुभ या आदर्श हो वह जीवनमूल्य कहलाता हैं। मानव समाज में रहते हुए खुद‌ ही मूल्यों को निर्धारित करता है और अपना जीवनयापन करते हुए मूल्यों के मार्ग पर चलते हुए अपना जीवन सफल बनाने का प्रयास करता हैं। समाज में रहते हुए </span></span></em><em><span lang="HI">उसी </span></em><em><span lang="MR">जीवनमूल्यों</span></em><em><span> <span lang="MR">पर चलना एक अच्छे व्यक्तित्व की धारणा है </span>|</span></em></p> <p><em><span lang="MR">साहित्यकार दिनेश नंदिनी डालमिया</span></em><em><span lang="MR"> </span></em><em><span lang="MR">जी ने विवेच्य उपन्यास </span></em><em><span>'<span lang="MR">मुझे माफ करना</span>' <span lang="MR">इस आत्मकथात्मक उपन्यास में समाज में घटित मार्मिक घटनाएँ</span>, <span lang="MR">स्त्रीवादी भूमिका </span></span></em><em><span lang="HI">जैसी</span></em><em><span lang="HI"> </span></em><em><span lang="HI">घटनाएँ तथा</span></em><em><span lang="MR"> संघर्षों में जूझती नारी का यथार्थ चित्रण</span></em><em><span lang="HI"> किया</span></em><em><span lang="MR"> गया है। विवच्य उपन्यास में दिनेश नंदिनी जी का उद्‌देश्य </span></em><em><span lang="HI">घात</span></em><em><span lang="MR">-प्रतिघातों के बीच डूबती विडम्बनापूर्ण </span></em><em><span lang="HI">स्थितियों </span></em><em><span lang="MR">में फँसी</span></em><em><span>, <span lang="MR">विवशता के बेडियों जकड़ी स्वाभिमानी</span>, </span></em><em><span lang="HI">आदर्शों</span></em><em><span lang="MR"> एवं उदात्त जीवनमूल्यों के प्रति आस्थावान और उनके लिए बलिदान देनेवाली तत्पर नारी की व्यथा की कहानी है</span></em><em><span lang="HI">। </span></em><em><span>|<span lang="MR">विवेच्य उपन्यास के अंतर्गत दिनेश</span></span></em><em><span lang="MR"> </span></em><em><span lang="MR">नंदिनी जी ने अपना जीवन वृत्तांत प्रस्तुत किया है। साहित्यकार दिनेश नंदिनी जी</span></em><em><span lang="MR"> </span></em><em><span lang="MR">ने १३ वे वर्ष के आयु से लिखना </span></em><em><span lang="HI">शुरू </span></em><em><span lang="MR">कर दिया था। उनके साहित्य से प्रभावित होकर पहले पाँच विवाह होने के बावजूद उद्‌योगपति रामकृष्ण डालमिया जी उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रखते हैं</span></em><em><span lang="HI">।</span></em><em><span>|</span></em><em><span lang="HI"> </span></em><em><span lang="MR">एक डेढ़ वर्ष के कशमकश के उपरान्त दिनेश नंदिनी जी इस विवाह के प्रस्ताव</span></em><em><span lang="HI"> को </span></em><em><span lang="MR">मान्य करती है</span></em><em><span>, <span lang="MR">और विवाह ‌के लिए तैयार हो जाती है।</span> <span lang="MR">नायिका की कथा वैयक्ति‌क होते हुए भी कथित आदर्शों और जीवनमूल्यों से चिपकी नारी की मानसिक यातनाओं का </span></span></em><em><span lang="HI">अंर्त</span></em><em><span lang="MR">द्वंद्ध तथा पति</span></em><em><span>,<span lang="MR">सास</span>,</span></em><em><span lang="HI">ननद</span></em><em><span lang="MR"> से ही नहीं नौकरों से भी</span></em><em><span lang="HI"> अंर्त</span></em><em><span lang="MR">द्वंद्ध तथा उपेक्षा सहती हुई नारी प्रतिबिंबित की गई है। फिर भी एक भारतीय नारी होने से समाज में नारी </span></em><em><span lang="HI">को </span></em><em><span lang="MR"><span> </span>विभिन्न परिवर्तित मूल्यों को<span> </span>भी परिलक्षित किया गया है।</span></em></p> </div> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_16673582 |
| institution | Zenodo |
| language | hin |
| publishDate | 2025 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | दिनेश नंदिनी डालमिया कृत 'मुझे माफ़ करना' उपन्यास में चित्रित नारी जीवन मूल्य आरती विजय कुंभार <div> <p><em><span lang="MR">मानव जीवन के लिए जो कुछ भी ईष्ट</span></em><em><span>, <span lang="MR">कल्याणकारी</span>, <span lang="MR">शुभ या आदर्श हो वह जीवनमूल्य कहलाता हैं। मानव समाज में रहते हुए खुद‌ ही मूल्यों को निर्धारित करता है और अपना जीवनयापन करते हुए मूल्यों के मार्ग पर चलते हुए अपना जीवन सफल बनाने का प्रयास करता हैं। समाज में रहते हुए </span></span></em><em><span lang="HI">उसी </span></em><em><span lang="MR">जीवनमूल्यों</span></em><em><span> <span lang="MR">पर चलना एक अच्छे व्यक्तित्व की धारणा है </span>|</span></em></p> <p><em><span lang="MR">साहित्यकार दिनेश नंदिनी डालमिया</span></em><em><span lang="MR"> </span></em><em><span lang="MR">जी ने विवेच्य उपन्यास </span></em><em><span>'<span lang="MR">मुझे माफ करना</span>' <span lang="MR">इस आत्मकथात्मक उपन्यास में समाज में घटित मार्मिक घटनाएँ</span>, <span lang="MR">स्त्रीवादी भूमिका </span></span></em><em><span lang="HI">जैसी</span></em><em><span lang="HI"> </span></em><em><span lang="HI">घटनाएँ तथा</span></em><em><span lang="MR"> संघर्षों में जूझती नारी का यथार्थ चित्रण</span></em><em><span lang="HI"> किया</span></em><em><span lang="MR"> गया है। विवच्य उपन्यास में दिनेश नंदिनी जी का उद्‌देश्य </span></em><em><span lang="HI">घात</span></em><em><span lang="MR">-प्रतिघातों के बीच डूबती विडम्बनापूर्ण </span></em><em><span lang="HI">स्थितियों </span></em><em><span lang="MR">में फँसी</span></em><em><span>, <span lang="MR">विवशता के बेडियों जकड़ी स्वाभिमानी</span>, </span></em><em><span lang="HI">आदर्शों</span></em><em><span lang="MR"> एवं उदात्त जीवनमूल्यों के प्रति आस्थावान और उनके लिए बलिदान देनेवाली तत्पर नारी की व्यथा की कहानी है</span></em><em><span lang="HI">। </span></em><em><span>|<span lang="MR">विवेच्य उपन्यास के अंतर्गत दिनेश</span></span></em><em><span lang="MR"> </span></em><em><span lang="MR">नंदिनी जी ने अपना जीवन वृत्तांत प्रस्तुत किया है। साहित्यकार दिनेश नंदिनी जी</span></em><em><span lang="MR"> </span></em><em><span lang="MR">ने १३ वे वर्ष के आयु से लिखना </span></em><em><span lang="HI">शुरू </span></em><em><span lang="MR">कर दिया था। उनके साहित्य से प्रभावित होकर पहले पाँच विवाह होने के बावजूद उद्‌योगपति रामकृष्ण डालमिया जी उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रखते हैं</span></em><em><span lang="HI">।</span></em><em><span>|</span></em><em><span lang="HI"> </span></em><em><span lang="MR">एक डेढ़ वर्ष के कशमकश के उपरान्त दिनेश नंदिनी जी इस विवाह के प्रस्ताव</span></em><em><span lang="HI"> को </span></em><em><span lang="MR">मान्य करती है</span></em><em><span>, <span lang="MR">और विवाह ‌के लिए तैयार हो जाती है।</span> <span lang="MR">नायिका की कथा वैयक्ति‌क होते हुए भी कथित आदर्शों और जीवनमूल्यों से चिपकी नारी की मानसिक यातनाओं का </span></span></em><em><span lang="HI">अंर्त</span></em><em><span lang="MR">द्वंद्ध तथा पति</span></em><em><span>,<span lang="MR">सास</span>,</span></em><em><span lang="HI">ननद</span></em><em><span lang="MR"> से ही नहीं नौकरों से भी</span></em><em><span lang="HI"> अंर्त</span></em><em><span lang="MR">द्वंद्ध तथा उपेक्षा सहती हुई नारी प्रतिबिंबित की गई है। फिर भी एक भारतीय नारी होने से समाज में नारी </span></em><em><span lang="HI">को </span></em><em><span lang="MR"><span> </span>विभिन्न परिवर्तित मूल्यों को<span> </span>भी परिलक्षित किया गया है।</span></em></p> </div> |
| title | दिनेश नंदिनी डालमिया कृत 'मुझे माफ़ करना' उपन्यास में चित्रित नारी जीवन मूल्य |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.16673582 |