औपनिवेशिक भारत में किसान विद्रोह और जातीय समस्या
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Zenodo
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| Autore principale: | |
|---|---|
| Natura: | Recurso digital |
| Lingua: | hindi |
| Pubblicazione: |
Zenodo
2014
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| Soggetti: | |
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| _version_ | 1866901128014200832 |
|---|---|
| author | Tiwari, Ajit Kumar |
| author_facet | Tiwari, Ajit Kumar |
| contents | <p dir="ltr">औपनिवेशिक भारत में ब्रिटिश शासन की शोषणकारी भूमि नीतियों ने किसानों को विद्रोह के लिए प्रेरित किया। संथाल, बंगाल, चंपारण जैसे विद्रोहों ने किसानों की आर्थिक पीड़ा और सामाजिक अन्याय को उजागर किया। ये आंदोलन स्थानीय स्तर पर थे, किंतु जातीय चेतना को जागृत करने वाले सिद्ध हुए। जातीय समस्या ने इन विद्रोहों को जटिल बनाया; ब्रिटिशों ने जाति-आधारित विभाजन को बढ़ावा देकर किसान एकता को कमजोर किया। 'डिवाइड एंड रूल' नीति ने जातीय तनावों को भड़काया, जो किसान आंदोलनों में हिंदू-मुस्लिम या ऊँची-नीची जाति के संघर्षों के रूप में प्रकट हुआ। ये घटनाएँ औपनिवेशिक दमन और भारतीय समाज की जटिलताओं को दर्शाती हैं, जो स्वतंत्रता संग्राम का आधार बनीं।</p> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_17259423 |
| institution | Zenodo |
| language | hin |
| publishDate | 2014 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | औपनिवेशिक भारत में किसान विद्रोह और जातीय समस्या Tiwari, Ajit Kumar Peasant Studies History of Colonial India Subaltern Studies <p dir="ltr">औपनिवेशिक भारत में ब्रिटिश शासन की शोषणकारी भूमि नीतियों ने किसानों को विद्रोह के लिए प्रेरित किया। संथाल, बंगाल, चंपारण जैसे विद्रोहों ने किसानों की आर्थिक पीड़ा और सामाजिक अन्याय को उजागर किया। ये आंदोलन स्थानीय स्तर पर थे, किंतु जातीय चेतना को जागृत करने वाले सिद्ध हुए। जातीय समस्या ने इन विद्रोहों को जटिल बनाया; ब्रिटिशों ने जाति-आधारित विभाजन को बढ़ावा देकर किसान एकता को कमजोर किया। 'डिवाइड एंड रूल' नीति ने जातीय तनावों को भड़काया, जो किसान आंदोलनों में हिंदू-मुस्लिम या ऊँची-नीची जाति के संघर्षों के रूप में प्रकट हुआ। ये घटनाएँ औपनिवेशिक दमन और भारतीय समाज की जटिलताओं को दर्शाती हैं, जो स्वतंत्रता संग्राम का आधार बनीं।</p> |
| title | औपनिवेशिक भारत में किसान विद्रोह और जातीय समस्या |
| topic | Peasant Studies History of Colonial India Subaltern Studies |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.17259423 |