| _version_ | 1866901239035330560 |
|---|---|
| author | ideal research review |
| author_facet | ideal research review |
| contents | <p><span>1970</span><span lang="HI"> का दशक भारतीय राजनीति में गहरे उथल-पुथल का दौर था। उस समय बिहार सामाजिक</span><span>, </span><span lang="HI">राजनीतिक और आर्थिक असमानताओं से जूझ रहा था। शिक्षा</span><span>, </span><span lang="HI">रोजगार और सामाजिक न्याय की समस्याओं ने युवाओं और छात्रें को आंदोलित कर दिया था। उसी पृष्ठभूमि में जयप्रकाश नारायण ने बिहार आन्दोलन की अगुवाई की जिसे बाद में सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन के रूप में जाना गया। इस आन्दोलन ने भारत की राजनीति को नई दिशा दी। इस संघर्ष में कर्पूरी ठाकुर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी।</span></p> <p><span><span> </span></span><span lang="HI">कर्पूरी ठाकुर साधारण परिवार से निकलकर राजनीति में आए थे। वे जननायक के रूप में जाने जाते थे क्योंकि वे गरीब मजदूर किसान और पिछड़े वर्गों की आवाज को बुलंद करते थे। जेपी आन्दोलन से पहले ही वे बिहार की राजनीति में एक लोकप्रिय नेता बन चुके थे और आमजन के बीच उनकी गहरी पकड़ थी। जब जय प्रकाश नारायण ने भ्रष्टाचार</span><span>, </span><span lang="HI">असमानता और तानाशाही के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजाया</span><span>, </span><span lang="HI">तब कर्पूरी ठाकुर उनके स्वाभाविक सहयोगी बने।</span></p> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_17313267 |
| institution | Zenodo |
| language | eng |
| publishDate | 2025 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | जय प्रकाश नारायण के छात्र आन्दोलन में कर्पूरी ठाकुर का योगदान ideal research review सम्पूर्ण क्रांति, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, आन्दोलन, संघर्षशीलता। <p><span>1970</span><span lang="HI"> का दशक भारतीय राजनीति में गहरे उथल-पुथल का दौर था। उस समय बिहार सामाजिक</span><span>, </span><span lang="HI">राजनीतिक और आर्थिक असमानताओं से जूझ रहा था। शिक्षा</span><span>, </span><span lang="HI">रोजगार और सामाजिक न्याय की समस्याओं ने युवाओं और छात्रें को आंदोलित कर दिया था। उसी पृष्ठभूमि में जयप्रकाश नारायण ने बिहार आन्दोलन की अगुवाई की जिसे बाद में सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन के रूप में जाना गया। इस आन्दोलन ने भारत की राजनीति को नई दिशा दी। इस संघर्ष में कर्पूरी ठाकुर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी।</span></p> <p><span><span> </span></span><span lang="HI">कर्पूरी ठाकुर साधारण परिवार से निकलकर राजनीति में आए थे। वे जननायक के रूप में जाने जाते थे क्योंकि वे गरीब मजदूर किसान और पिछड़े वर्गों की आवाज को बुलंद करते थे। जेपी आन्दोलन से पहले ही वे बिहार की राजनीति में एक लोकप्रिय नेता बन चुके थे और आमजन के बीच उनकी गहरी पकड़ थी। जब जय प्रकाश नारायण ने भ्रष्टाचार</span><span>, </span><span lang="HI">असमानता और तानाशाही के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजाया</span><span>, </span><span lang="HI">तब कर्पूरी ठाकुर उनके स्वाभाविक सहयोगी बने।</span></p> |
| title | जय प्रकाश नारायण के छात्र आन्दोलन में कर्पूरी ठाकुर का योगदान |
| topic | सम्पूर्ण क्रांति, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, आन्दोलन, संघर्षशीलता। |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.17313267 |