| _version_ | 1866901212495872000 |
|---|---|
| author | डाॅ0 षाहिद हसन नीलाम्बुज प्रसाद सिंह |
| author_facet | डाॅ0 षाहिद हसन नीलाम्बुज प्रसाद सिंह |
| contents | <p>सारांश<br>यह अध्ययन उच्च शिक्षा प्रणाली में बढ़ती समस्याओं को रेखांकित करता है। स्वामी विवेकानन्द के अनुसार शिक्षा व्यक्तित्व विकास का माध्यम है, पर आज प्रवेश की जटिलता, सीमित सीटें, छात्रावास की कमी, आर्थिक बाधाएँ, प्रशासनिक अव्यवस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक तनाव शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। पूर्वांचल क्षेत्र में संस्थानों की कमी और जानकारी के अभाव के कारण छात्रों की कठिनाइयाँ और बढ़ जाती हैं। औपचारिक शिक्षा की सीमाएँ तथा व्यावहारिक ज्ञान की उपेक्षा भी बड़ी चुनौतियाँ हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु संस्थानों का विस्तार, पारदर्शी प्रवेश, आर्थिक सहायता और गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित शिक्षा आवश्यक है। </p> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_17725541 |
| institution | Zenodo |
| language | hin |
| publishDate | 2025 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | उच्च षिक्षण प्रणाली की प्रमुख समस्याएँ सार एवं विश्लेषण डाॅ0 षाहिद हसन नीलाम्बुज प्रसाद सिंह <p>सारांश<br>यह अध्ययन उच्च शिक्षा प्रणाली में बढ़ती समस्याओं को रेखांकित करता है। स्वामी विवेकानन्द के अनुसार शिक्षा व्यक्तित्व विकास का माध्यम है, पर आज प्रवेश की जटिलता, सीमित सीटें, छात्रावास की कमी, आर्थिक बाधाएँ, प्रशासनिक अव्यवस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक तनाव शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। पूर्वांचल क्षेत्र में संस्थानों की कमी और जानकारी के अभाव के कारण छात्रों की कठिनाइयाँ और बढ़ जाती हैं। औपचारिक शिक्षा की सीमाएँ तथा व्यावहारिक ज्ञान की उपेक्षा भी बड़ी चुनौतियाँ हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु संस्थानों का विस्तार, पारदर्शी प्रवेश, आर्थिक सहायता और गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित शिक्षा आवश्यक है। </p> |
| title | उच्च षिक्षण प्रणाली की प्रमुख समस्याएँ सार एवं विश्लेषण |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.17725541 |