भाषा का अभिकालानात्मक भाषावैज्ञानिक अध्ययन

Fuente: Zenodo
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Autore principale: पाटील, वंदना प्रकाश
Natura: Recurso digital
Pubblicazione: Zenodo 2025
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author पाटील, वंदना प्रकाश
author_facet पाटील, वंदना प्रकाश
contents <p><strong><em><span>सारांश</span></em></strong></p> <p><em><span>भाषावैज्ञानिक अध्ययन के क्षेत्र में वर्तमान काल में नई – नई कल्पनाएँ उभरकर आ रही है। उसे संगणक की सहायता प्राप्त होने से बहुत ही गति से इस भाषावैज्ञानिक अध्ययन के क्षेत्र में परिवर्तन होने लगा है। उसमें भाषा के कारण किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो इसलिए संगणक पर अनुवाद प्रक्रिया, शब्दकोश की सुविधा की गई है जिसके कारण कोई भी व्यक्ति किसी भी भाषा की जानकारी आसान रूप में प्राप्त कर सकता है। भाषा का संगणक पर अध्ययन करने की बात करने पर पहले शब्दकोश तथा शब्द विश्लेषण की आवश्यकता महसूस होती है। अत: प्राकृतिक भाषा संसाधन के क्षेत्र में संगणक के बढ़ते उपयोग से कोश निर्माण की तकनीक में नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रारंभ में शब्दकोश का संबंध केवल अर्थ तक सीमित था। परंतु आज उसके स्वरूप में परिवर्तन हुआ है। प्रत्येक शब्द के प्रकट और अप्रकट दोनों रूपों का समावेश किया जाता है।</span></em></p> <p><span lang="AR-SA">भाषा-प्रोसेसिंग और अभिकलनात्मक भाषाविज्ञान (</span><span>Computational Linguistics) <span lang="AR-SA">आज सूचना-प्रौद्योगिकी</span>, <span lang="AR-SA">कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा भाषा-प्रबंधन प्रणालियों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हिंदी</span>, <span lang="AR-SA">भारत की एक प्रमुख भाषा होने के कारण</span>, <span lang="AR-SA">इसके लिए प्रभावी अभिकलनात्मक उपकरणों और संसाधनों का विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। परंतु हिंदी भाषा को लेकर अभी भी संसाधन</span>, <span lang="AR-SA">मॉडल</span>­, <span lang="AR-SA">परीक्षण डेटा और शोध-धारा की कमी है। हिंदी भाषा अनेक लिंग्विस्टिक (भाषायी) विशेषताओं से परिपूर्ण है </span>— <span lang="AR-SA">जैसे समृद्ध व्याकरणात्मक रूप-रचना (</span>morphology), <span lang="AR-SA">बहुल रूप (</span>inflection), <span lang="AR-SA">समास (</span>compounding) <span lang="AR-SA">एवं देवनागरी लिपि। इन विशेषताओं के कारण हिंदी की अभिकलनात्मक प्रोसेसिंग में विशिष्ट चुनौतियाँ सामने आती हैं।</span></span></p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_17773873
institution Zenodo
language
publishDate 2025
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle भाषा का अभिकालानात्मक भाषावैज्ञानिक अध्ययन
पाटील, वंदना प्रकाश
भाषा, अभिकलनात्मक भाषाविज्ञान, प्राकृतिक भाषा संसाधन. कृत्रिम बुद्धिमत्ता
<p><strong><em><span>सारांश</span></em></strong></p> <p><em><span>भाषावैज्ञानिक अध्ययन के क्षेत्र में वर्तमान काल में नई – नई कल्पनाएँ उभरकर आ रही है। उसे संगणक की सहायता प्राप्त होने से बहुत ही गति से इस भाषावैज्ञानिक अध्ययन के क्षेत्र में परिवर्तन होने लगा है। उसमें भाषा के कारण किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो इसलिए संगणक पर अनुवाद प्रक्रिया, शब्दकोश की सुविधा की गई है जिसके कारण कोई भी व्यक्ति किसी भी भाषा की जानकारी आसान रूप में प्राप्त कर सकता है। भाषा का संगणक पर अध्ययन करने की बात करने पर पहले शब्दकोश तथा शब्द विश्लेषण की आवश्यकता महसूस होती है। अत: प्राकृतिक भाषा संसाधन के क्षेत्र में संगणक के बढ़ते उपयोग से कोश निर्माण की तकनीक में नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रारंभ में शब्दकोश का संबंध केवल अर्थ तक सीमित था। परंतु आज उसके स्वरूप में परिवर्तन हुआ है। प्रत्येक शब्द के प्रकट और अप्रकट दोनों रूपों का समावेश किया जाता है।</span></em></p> <p><span lang="AR-SA">भाषा-प्रोसेसिंग और अभिकलनात्मक भाषाविज्ञान (</span><span>Computational Linguistics) <span lang="AR-SA">आज सूचना-प्रौद्योगिकी</span>, <span lang="AR-SA">कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा भाषा-प्रबंधन प्रणालियों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हिंदी</span>, <span lang="AR-SA">भारत की एक प्रमुख भाषा होने के कारण</span>, <span lang="AR-SA">इसके लिए प्रभावी अभिकलनात्मक उपकरणों और संसाधनों का विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। परंतु हिंदी भाषा को लेकर अभी भी संसाधन</span>, <span lang="AR-SA">मॉडल</span>­, <span lang="AR-SA">परीक्षण डेटा और शोध-धारा की कमी है। हिंदी भाषा अनेक लिंग्विस्टिक (भाषायी) विशेषताओं से परिपूर्ण है </span>— <span lang="AR-SA">जैसे समृद्ध व्याकरणात्मक रूप-रचना (</span>morphology), <span lang="AR-SA">बहुल रूप (</span>inflection), <span lang="AR-SA">समास (</span>compounding) <span lang="AR-SA">एवं देवनागरी लिपि। इन विशेषताओं के कारण हिंदी की अभिकलनात्मक प्रोसेसिंग में विशिष्ट चुनौतियाँ सामने आती हैं।</span></span></p>
title भाषा का अभिकालानात्मक भाषावैज्ञानिक अध्ययन
topic भाषा, अभिकलनात्मक भाषाविज्ञान, प्राकृतिक भाषा संसाधन. कृत्रिम बुद्धिमत्ता
url https://doi.org/10.5281/zenodo.17773873