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| Format: | Recurso digital |
| Langue: | |
| Publié: |
Zenodo
2025
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| Accès en ligne: | https://doi.org/10.5281/zenodo.17786058 |
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Table des matières:
- <p><strong><em><span>सारांश-</span></em></strong></p> <p><em><span><span> </span>भाषाई विविधता मानव सभ्यता की सांस्कृतिक संपदा है। विश्व में हजारों भाषाएँ बोली जाती हैं, जिनमें हर भाषा अपने समुदाय की परंपरा, ज्ञान और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करती है।</span></em></p> <p><em><span>वैश्विक संदर्भ में भाषाई विविधता कई स्तरों पर महत्त्वपूर्ण है—</span></em></p> <p><span>1. <span lang="MR">सांस्कृतिक धरोहर – भाषाएँ परंपरा</span>, <span lang="MR">कला</span>, <span lang="MR">साहित्य और लोकज्ञान का भंडार हैं।</span></span></p> <p><span>2. <span lang="MR">सामाजिक समावेशन – विविध भाषाओं का सम्मान लोकतांत्रिक और बहुसांस्कृतिक समाज की आधारशिला है।</span></span></p> <p><span>3. <span lang="MR">शिक्षा और ज्ञान-विनिमय – मातृभाषा में शिक्षा से सीखने की क्षमता बढ़ती है</span>, <span lang="MR">वहीं वैश्विक भाषाओं (जैसे अंग्रेज़ी) से अंतरराष्ट्रीय संवाद संभव होता है।</span></span></p> <p><span>4. <span lang="MR">आर्थिक अवसर – बहुभाषिकता पर्यटन</span>, <span lang="MR">व्यापार और वैश्विक रोजगार में सहायक होती है।</span></span></p> <p><span>5. <span lang="MR">चुनौतियाँ – वैश्वीकरण और तकनीकी प्रभुत्व से अनेक भाषाएँ लुप्त होने के संकट में हैं।</span></span></p> <p><span>6. <span lang="MR">संरक्षण की आवश्यकता – भाषाई विविधता को बनाए रखना सांस्कृतिक समानता और मानवीय सहअस्तित्व के लिए अनिवार्य है।</span></span></p> <p><span lang="MR">भाषाई विविधता वैश्विक संवाद और सहयोग का सेतु है। इसका संरक्षण न केवल सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा है बल्कि मानवता के सामूहिक विकास की शर्त भी है।</span></p>