कुसमुण्डा जिला - कोरबा छ.ग. में कोयला परिक्षेत्र का मूल्यांकन एवं पर्यावरणीय प्रभाव

Fuente: Zenodo
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Autori principali: Shukla, Sangeeta, Singh, Laxmi
Natura: Recurso digital
Pubblicazione: Zenodo 2025
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author Shukla, Sangeeta
Singh, Laxmi
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Singh, Laxmi
contents <p><em><span>छत्तीसगढ़ राज्य के अतंर्गत आने वाले कोरबा जिला में कुसमुण्डा खदान, कोरबा जिले की सबसे बड़ी ओपन कास्ट खदानों में से एक है। किसी भी क्षेत्र की भैतिक व भौगोलिक संरचना के अनुरूप ही वहां की कार्य शैली नियोजित होती है। इस अध्ययन क्षेत्र (कुसमुण्डा में) कोयला उत्खनन क्षेत्र के भौगोलिक दृष्टि से अनुकूल है। छ.ग. के कोरवा जिला के अंतर्गत आता है इसकी क्षेत्रीय प्रतिरूप को दर्शाया जाये तो पूर्णतः यह क्षेत्र गोंडवाना लैण्ड से संबंधित है। क्षेत्र का चयन भौगोलिक स्थिति को देखते हुये किया है। अध्ययन क्षेत्र पूर्ण रूप से कोयला उत्खनन हेतु एवं उत्पादन विवरण की दृष्टि से अनुकूलतम स्थिति में है। इस क्षेत्र (कुसमुण्डा) परियोजना खदानी क्षेत्र में पूर्ण रूप में ट्रकों का आवागमन वृहद् स्तर पर रहता है। जो कोयला के निर्यात हेतु प्रयोग में लाया जाता है। क्षेत्र की 80% जनसंख्या खदानों में ही कार्यरत है एवं उनके व्यवसाय का सीधा संबंध खदान से है। क्षेत्र में कोयला खदान से पर्यावरण पर प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष प्रभाव स्पष्ट देखने को मिलता है पर्यावरणीय परिस्थितियों में हास हो रहा है तथा अन्य जल, वायु, मि‌ट्टी आदि संसाधनों पर इसका प्रभाव है। वर्तमान में क्षेत्र में कोयले का मूल्यांकन करने हेतु प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़ो का प्रयोग किया गया है। क्षेत्रीय अध्ययन व्यक्तिगत सर्वेक्षण तथा (S. E.C.L.) कार्यालयों से किया गया है। प्राप्त परिणामों के आधार पर स्पष्ट है कि क्षेत्र में कोयले का उत्पादन तथा वितरण उचित स्थिति में है किन्तु पर्यावरण पर इसके प्रभावों तथा हानि को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।</span></em></p> <p> </p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_18212195
institution Zenodo
language
publishDate 2025
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle कुसमुण्डा जिला - कोरबा छ.ग. में कोयला परिक्षेत्र का मूल्यांकन एवं पर्यावरणीय प्रभाव
Shukla, Sangeeta
Singh, Laxmi
शब्द कंजी- क्षेत्रीय अध्ययन, उत्पादन, वितरण, मुल्यांकन तथा प्रभाव
<p><em><span>छत्तीसगढ़ राज्य के अतंर्गत आने वाले कोरबा जिला में कुसमुण्डा खदान, कोरबा जिले की सबसे बड़ी ओपन कास्ट खदानों में से एक है। किसी भी क्षेत्र की भैतिक व भौगोलिक संरचना के अनुरूप ही वहां की कार्य शैली नियोजित होती है। इस अध्ययन क्षेत्र (कुसमुण्डा में) कोयला उत्खनन क्षेत्र के भौगोलिक दृष्टि से अनुकूल है। छ.ग. के कोरवा जिला के अंतर्गत आता है इसकी क्षेत्रीय प्रतिरूप को दर्शाया जाये तो पूर्णतः यह क्षेत्र गोंडवाना लैण्ड से संबंधित है। क्षेत्र का चयन भौगोलिक स्थिति को देखते हुये किया है। अध्ययन क्षेत्र पूर्ण रूप से कोयला उत्खनन हेतु एवं उत्पादन विवरण की दृष्टि से अनुकूलतम स्थिति में है। इस क्षेत्र (कुसमुण्डा) परियोजना खदानी क्षेत्र में पूर्ण रूप में ट्रकों का आवागमन वृहद् स्तर पर रहता है। जो कोयला के निर्यात हेतु प्रयोग में लाया जाता है। क्षेत्र की 80% जनसंख्या खदानों में ही कार्यरत है एवं उनके व्यवसाय का सीधा संबंध खदान से है। क्षेत्र में कोयला खदान से पर्यावरण पर प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष प्रभाव स्पष्ट देखने को मिलता है पर्यावरणीय परिस्थितियों में हास हो रहा है तथा अन्य जल, वायु, मि‌ट्टी आदि संसाधनों पर इसका प्रभाव है। वर्तमान में क्षेत्र में कोयले का मूल्यांकन करने हेतु प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़ो का प्रयोग किया गया है। क्षेत्रीय अध्ययन व्यक्तिगत सर्वेक्षण तथा (S. E.C.L.) कार्यालयों से किया गया है। प्राप्त परिणामों के आधार पर स्पष्ट है कि क्षेत्र में कोयले का उत्पादन तथा वितरण उचित स्थिति में है किन्तु पर्यावरण पर इसके प्रभावों तथा हानि को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।</span></em></p> <p> </p>
title कुसमुण्डा जिला - कोरबा छ.ग. में कोयला परिक्षेत्र का मूल्यांकन एवं पर्यावरणीय प्रभाव
topic शब्द कंजी- क्षेत्रीय अध्ययन, उत्पादन, वितरण, मुल्यांकन तथा प्रभाव
url https://doi.org/10.5281/zenodo.18212195