जनपद हरिद्वार के आर्थिक विकास पर भूमि उपयोग के प्रभाव का मूल्यांकन: एक पर्यावरणीय अध्यय

Fuente: Zenodo
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Hauptverfasser: डा0 पंकज कुमार, डा॰ आनन्द प्रकाश
Format: Recurso digital
Sprache:Hindi
Veröffentlicht: Zenodo 2026
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author डा0 पंकज कुमार
डा॰ आनन्द प्रकाश
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डा॰ आनन्द प्रकाश
contents <p>भूमि मानव का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, जो कृषि सहित सभी विकास कार्यो को मूलभूत आधार प्रदान करता है। भूमि पर ही मानव विभिन्न क्रिया कलाप करता है। अतएव भूमि उपयोग का विश्लेषण अध्ययन का महत्वपूर्ण पक्ष है। वस्तुतः भूमि उपयोग पर्यावरणीय अध्ययन का एक महत्वपूर्ण परिवर्तनशील पक्ष है, जो प्रारम्भिक काल से ही मानव प्रविधि विकास क्रम के अनुसार परिवर्तित होता रहा है। भूमि उपयोग न केवल कृषि के क्षेत्र में अपितु औद्योगिक विकास, नगरीय विकास, प्रादेशिक नियोजन एवं विकास में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रस्तुत अध्ययन क्षेत्र जनपद हरिद्वार का भूमि उपयोग, एतिहासिक घटनाओं तथा प्राकृतिक पर्यावरण के साथ-साथ आर्थिक शक्तियों की अन्तक्रियाओं तथा समाज के मूल्यों के समूच्य का प्रतिफल है, यहाॅं क्षेत्र के भौगोलिक वितरण एवं प्राकृतिक पर्यावरण के महत्वपूर्ण प्रभाव के साथ यहाॅं की सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे पर्यटन और औद्योगिक विकास ने भूमि उपयोग का परवर्तित स्वरूप प्रस्तुत किया है। विकास की अन्धाधुन्ध दौड़ तथा मानवीय क्रिया कलापों के विविधिकरण के कारण जनपद हरिद्वार में भूमि के लिये स्पर्धा में तेजी से वृद्धि हुई है। जिसके फलस्वरूप यहाॅं अनुकूल स्थानों पर जनसंख्या सकेन्द्रण, तृतीयक एवं चतुर्थक क्रियाओं का गहनीकरण हुआ है। जिसने जनपद हरिद्वार के आर्थिक विकास को प्रभावित करने में मुख्य भूमिका निभाई है।</p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_18271467
institution Zenodo
language hin
publishDate 2026
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle जनपद हरिद्वार के आर्थिक विकास पर भूमि उपयोग के प्रभाव का मूल्यांकन: एक पर्यावरणीय अध्यय
डा0 पंकज कुमार
डा॰ आनन्द प्रकाश
भूमि उपयोग, आर्थिक विकास एवं पर्यावरण
<p>भूमि मानव का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, जो कृषि सहित सभी विकास कार्यो को मूलभूत आधार प्रदान करता है। भूमि पर ही मानव विभिन्न क्रिया कलाप करता है। अतएव भूमि उपयोग का विश्लेषण अध्ययन का महत्वपूर्ण पक्ष है। वस्तुतः भूमि उपयोग पर्यावरणीय अध्ययन का एक महत्वपूर्ण परिवर्तनशील पक्ष है, जो प्रारम्भिक काल से ही मानव प्रविधि विकास क्रम के अनुसार परिवर्तित होता रहा है। भूमि उपयोग न केवल कृषि के क्षेत्र में अपितु औद्योगिक विकास, नगरीय विकास, प्रादेशिक नियोजन एवं विकास में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रस्तुत अध्ययन क्षेत्र जनपद हरिद्वार का भूमि उपयोग, एतिहासिक घटनाओं तथा प्राकृतिक पर्यावरण के साथ-साथ आर्थिक शक्तियों की अन्तक्रियाओं तथा समाज के मूल्यों के समूच्य का प्रतिफल है, यहाॅं क्षेत्र के भौगोलिक वितरण एवं प्राकृतिक पर्यावरण के महत्वपूर्ण प्रभाव के साथ यहाॅं की सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे पर्यटन और औद्योगिक विकास ने भूमि उपयोग का परवर्तित स्वरूप प्रस्तुत किया है। विकास की अन्धाधुन्ध दौड़ तथा मानवीय क्रिया कलापों के विविधिकरण के कारण जनपद हरिद्वार में भूमि के लिये स्पर्धा में तेजी से वृद्धि हुई है। जिसके फलस्वरूप यहाॅं अनुकूल स्थानों पर जनसंख्या सकेन्द्रण, तृतीयक एवं चतुर्थक क्रियाओं का गहनीकरण हुआ है। जिसने जनपद हरिद्वार के आर्थिक विकास को प्रभावित करने में मुख्य भूमिका निभाई है।</p>
title जनपद हरिद्वार के आर्थिक विकास पर भूमि उपयोग के प्रभाव का मूल्यांकन: एक पर्यावरणीय अध्यय
topic भूमि उपयोग, आर्थिक विकास एवं पर्यावरण
url https://doi.org/10.5281/zenodo.18271467