अभिज्ञानशाकुन्तलम् में साहित्यिक सौन्दर्य एवं काव्यगत विश्लेषण

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Main Author: डॉ॰ जितेंद्र कुमार द्विवेदी
Format: Recurso digital
Language:Hindi
Published: Zenodo 2025
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author डॉ॰ जितेंद्र कुमार द्विवेदी
author_facet डॉ॰ जितेंद्र कुमार द्विवेदी
contents <p>सार: कालिदास रचित अभिज्ञानशाकुन्तलम् संस्कृत साहित्य की अमर कृति है, जिसमें काव्यात्मक सौन्दर्य, नाट्यकला, रस-सिद्धान्त, अलंकार, प्रकृति-चित्रण तथा मानव-भावनाओं का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। प्रस्तुत शोधपत्र का उद्देश्य अभिज्ञान शाकुन्तलम् के साहित्यिक सौन्दर्य एवं काव्यगत विशेषताओं का विश्लेषण करना है। इस अध्ययन में काव्य-रूप, रस, अलंकार, भाषा-शैली, नाट्य-तत्व, प्रकृति-चित्रण तथा चरित्र-चित्रण के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि यह ग्रंथ भारतीय काव्यशास्त्र की परंपरा में क्यों श्रेष्ठ माना जाता है।  </p> <p>मुख्य शब्द: कालिदास, अभिज्ञानशाकुन्तलम्, साहित्यिक सौन्दर्य, काव्यगत तत्व, रस सिद्धान्त।</p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_18420289
institution Zenodo
language hin
publishDate 2025
publisher Zenodo
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spellingShingle अभिज्ञानशाकुन्तलम् में साहित्यिक सौन्दर्य एवं काव्यगत विश्लेषण
डॉ॰ जितेंद्र कुमार द्विवेदी
<p>सार: कालिदास रचित अभिज्ञानशाकुन्तलम् संस्कृत साहित्य की अमर कृति है, जिसमें काव्यात्मक सौन्दर्य, नाट्यकला, रस-सिद्धान्त, अलंकार, प्रकृति-चित्रण तथा मानव-भावनाओं का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। प्रस्तुत शोधपत्र का उद्देश्य अभिज्ञान शाकुन्तलम् के साहित्यिक सौन्दर्य एवं काव्यगत विशेषताओं का विश्लेषण करना है। इस अध्ययन में काव्य-रूप, रस, अलंकार, भाषा-शैली, नाट्य-तत्व, प्रकृति-चित्रण तथा चरित्र-चित्रण के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि यह ग्रंथ भारतीय काव्यशास्त्र की परंपरा में क्यों श्रेष्ठ माना जाता है।  </p> <p>मुख्य शब्द: कालिदास, अभिज्ञानशाकुन्तलम्, साहित्यिक सौन्दर्य, काव्यगत तत्व, रस सिद्धान्त।</p>
title अभिज्ञानशाकुन्तलम् में साहित्यिक सौन्दर्य एवं काव्यगत विश्लेषण
url https://doi.org/10.5281/zenodo.18420289