विकसित भारत 2047: लोकतत्रं एवं हिंदी कविता

Fuente: Zenodo
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Main Author: Shalini
Format: Recurso digital
Language:Hindi
Published: Zenodo 2025
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_version_ 1866901228574736384
author Shalini
author_facet Shalini
contents <p>'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य भारत को एक विकसित देश बनाने के लिए हमारे सामूहिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है। जहाँ प्रत्येक व्यक्ति सार्थक जीवन और आजीविका के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार जी सकेगा एवं सम्पूर्ण समाज और भारतीय अर्थव्यवस्था समृद्ध होगी। विकसित भारत को जनसांख्यिकी लोकतंत्र और विविधता के तीन स्तंभों पर निर्मित करने की परिकल्पना की गई है। इस दृष्टिकोण का सबसे मजबूत आधार एवं स्तम्भ है- 'लोकतंत्र' क्योंकि लोकतंत्र भारत की जनता की समानता, सुरक्षा, भागीदारी एवं स्वतंत्रता को सुनिश्चित करता है। हिन्दी कविता सदियों से समाज का प्रतिबिंब रही है और इस विजन दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुँचाने का एक शक्तिशाली माध्यम है। कविता लोकतंत्र के विभिन्न पहलू जैसे आर्थिक, समाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व्यवस्था का मूल सत्य उजागर करने का सशक्त माध्यम है।</p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_18440644
institution Zenodo
language hin
publishDate 2025
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle विकसित भारत 2047: लोकतत्रं एवं हिंदी कविता
Shalini
विकसित भारत, लोकतंत्र, कविता, मूल्य, समाज, संस्कृति, राजनीति
<p>'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य भारत को एक विकसित देश बनाने के लिए हमारे सामूहिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है। जहाँ प्रत्येक व्यक्ति सार्थक जीवन और आजीविका के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार जी सकेगा एवं सम्पूर्ण समाज और भारतीय अर्थव्यवस्था समृद्ध होगी। विकसित भारत को जनसांख्यिकी लोकतंत्र और विविधता के तीन स्तंभों पर निर्मित करने की परिकल्पना की गई है। इस दृष्टिकोण का सबसे मजबूत आधार एवं स्तम्भ है- 'लोकतंत्र' क्योंकि लोकतंत्र भारत की जनता की समानता, सुरक्षा, भागीदारी एवं स्वतंत्रता को सुनिश्चित करता है। हिन्दी कविता सदियों से समाज का प्रतिबिंब रही है और इस विजन दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुँचाने का एक शक्तिशाली माध्यम है। कविता लोकतंत्र के विभिन्न पहलू जैसे आर्थिक, समाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व्यवस्था का मूल सत्य उजागर करने का सशक्त माध्यम है।</p>
title विकसित भारत 2047: लोकतत्रं एवं हिंदी कविता
topic विकसित भारत, लोकतंत्र, कविता, मूल्य, समाज, संस्कृति, राजनीति
url https://doi.org/10.5281/zenodo.18440644