शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में गूगल जेमिनी चैटबॉट की स्वीकृति एवं उपयोग के प्रति प्राथमिक शिक्षकों का प्रत्यक्षण
Fuente:
Zenodo
Guardado en:
| Autores principales: | , |
|---|---|
| Formato: | Recurso digital |
| Publicado: |
Zenodo
2026
|
| Acceso en línea: | |
| Etiquetas: |
Agregar Etiqueta
Sin Etiquetas, Sea el primero en etiquetar este registro!
|
| _version_ | 1866901691011432448 |
|---|---|
| author | Pal, Suman Kumar, Vinod |
| author_facet | Pal, Suman Kumar, Vinod |
| contents | <p>राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी के एकीकरण हेतु प्रतिबद्ध होकर भारत को डिजिटली सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने हेतु तत्पर है। इसीलिए भारत के प्रत्येक शैक्षिक स्तर पर शिक्षकों के विषयगत प्रशिक्षण के साथ ही साथ शिक्षा में प्रौद्योगिकी के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही वैश्विक स्तर पर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में वर्ष 2022 से कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त प्रौद्योगिकी विशेषकर चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी जैसे<br>चैटबॉट्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है। शिक्षकों द्वारा जेनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (जेनएआई) की ख़ूबियों से लैस चैटबॉट्स का प्रयोग अपने दैनिक शिक्षण कार्यों हेतु पाठ योजना, कहानी, आडियो-वीडियो, इमेज और टेक्स्ट सहित शिक्षण सहायक सामग्री, विभिन्न गतिविधि, रोचक और प्रेरक काल्पनिक घटनाओं का निर्माण करने में किया जा रहा है। उक्त के आलोक में इस शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य गूगल जेमिनी चैटबॉट का शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में स्वीकार्यता और उपयोग के प्रति बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षकों के प्रत्यक्षण का अध्ययन करना था। इसके लिए यूटीएयूटी गाइडलाइन का प्रयोग करते हुए हसनेइन एट आल. (2024) द्वारा प्रयुक्त प्रश्नावली को पाँच बिन्दु लिकर्ट मापनी की सहायता से 608 शिक्षकों से ऑनलाइन (गूगल फ़ॉर्म) रूप से प्रदत्त संकलित करके प्रतिशत विश्लेषण, वर्णनात्मक सांख्यिकी एवं प्रदत्तों के सामान्य रूप से वितरित न होने के कारण मान व्हीटनी यू परीक्षण की गणना की गई। जेमिनी की स्वीकार्यता एवं उपयोग के प्रति सभी शिक्षकों का प्रत्यक्षण सकारात्मक है। जेमिनी के प्रदर्शन प्रत्याशा के संदर्भ में पुरुष शिक्षकों की तुलना में महिला शिक्षकों का प्रत्यक्षण अधिक सकारात्मक (सहमत) है। जेमिनी के प्रयास प्रत्याशा, सामाजिक प्रभाव, सुविधाजनक स्थिति, व्यवहारिक हस्तक्षेप और उपयोग के संदर्भ में महिला एवं पुरुष शिक्षकों के प्रत्यक्षण में सार्थक अंतर नहीं है। गूगल जेमिनी के प्रदर्शन प्रत्याशा, सामाजिक प्रभाव, सुविधाजनक स्थिति और व्यवहारिक हस्तक्षेप संबंधी चरों के संदर्भ में शहरी और ग्रामीण शिक्षकों के प्रत्यक्षण में भी सार्थक अंतर नहीं है। जेमिनी संबंधी प्रयास प्रत्याशा और उपयोग के संदर्भ में शहरी शिक्षकों की तुलना में ग्रामीण शिक्षकों का प्रत्यक्षण अधिक सकारात्मक (सहमत) है। इस अध्ययन से निष्कर्ष निकलता है<br>कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग हेतु शिक्षा में नवीनतम प्रौद्योगिकी के एकीकरण संबंधी प्रशिक्षण की बहुत अधिक आवश्यकता है। ताकि वे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त चैटबॉट्स का समुचित प्रयोग करते हुये शिक्षार्थियों के लिए बेहतर आनंददायी अधिगम वातावरण का निर्माण कर सकें। </p> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_18695247 |
| institution | Zenodo |
| language | |
| publishDate | 2026 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में गूगल जेमिनी चैटबॉट की स्वीकृति एवं उपयोग के प्रति प्राथमिक शिक्षकों का प्रत्यक्षण Pal, Suman Kumar, Vinod <p>राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी के एकीकरण हेतु प्रतिबद्ध होकर भारत को डिजिटली सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने हेतु तत्पर है। इसीलिए भारत के प्रत्येक शैक्षिक स्तर पर शिक्षकों के विषयगत प्रशिक्षण के साथ ही साथ शिक्षा में प्रौद्योगिकी के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही वैश्विक स्तर पर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में वर्ष 2022 से कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त प्रौद्योगिकी विशेषकर चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी जैसे<br>चैटबॉट्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है। शिक्षकों द्वारा जेनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (जेनएआई) की ख़ूबियों से लैस चैटबॉट्स का प्रयोग अपने दैनिक शिक्षण कार्यों हेतु पाठ योजना, कहानी, आडियो-वीडियो, इमेज और टेक्स्ट सहित शिक्षण सहायक सामग्री, विभिन्न गतिविधि, रोचक और प्रेरक काल्पनिक घटनाओं का निर्माण करने में किया जा रहा है। उक्त के आलोक में इस शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य गूगल जेमिनी चैटबॉट का शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में स्वीकार्यता और उपयोग के प्रति बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षकों के प्रत्यक्षण का अध्ययन करना था। इसके लिए यूटीएयूटी गाइडलाइन का प्रयोग करते हुए हसनेइन एट आल. (2024) द्वारा प्रयुक्त प्रश्नावली को पाँच बिन्दु लिकर्ट मापनी की सहायता से 608 शिक्षकों से ऑनलाइन (गूगल फ़ॉर्म) रूप से प्रदत्त संकलित करके प्रतिशत विश्लेषण, वर्णनात्मक सांख्यिकी एवं प्रदत्तों के सामान्य रूप से वितरित न होने के कारण मान व्हीटनी यू परीक्षण की गणना की गई। जेमिनी की स्वीकार्यता एवं उपयोग के प्रति सभी शिक्षकों का प्रत्यक्षण सकारात्मक है। जेमिनी के प्रदर्शन प्रत्याशा के संदर्भ में पुरुष शिक्षकों की तुलना में महिला शिक्षकों का प्रत्यक्षण अधिक सकारात्मक (सहमत) है। जेमिनी के प्रयास प्रत्याशा, सामाजिक प्रभाव, सुविधाजनक स्थिति, व्यवहारिक हस्तक्षेप और उपयोग के संदर्भ में महिला एवं पुरुष शिक्षकों के प्रत्यक्षण में सार्थक अंतर नहीं है। गूगल जेमिनी के प्रदर्शन प्रत्याशा, सामाजिक प्रभाव, सुविधाजनक स्थिति और व्यवहारिक हस्तक्षेप संबंधी चरों के संदर्भ में शहरी और ग्रामीण शिक्षकों के प्रत्यक्षण में भी सार्थक अंतर नहीं है। जेमिनी संबंधी प्रयास प्रत्याशा और उपयोग के संदर्भ में शहरी शिक्षकों की तुलना में ग्रामीण शिक्षकों का प्रत्यक्षण अधिक सकारात्मक (सहमत) है। इस अध्ययन से निष्कर्ष निकलता है<br>कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग हेतु शिक्षा में नवीनतम प्रौद्योगिकी के एकीकरण संबंधी प्रशिक्षण की बहुत अधिक आवश्यकता है। ताकि वे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त चैटबॉट्स का समुचित प्रयोग करते हुये शिक्षार्थियों के लिए बेहतर आनंददायी अधिगम वातावरण का निर्माण कर सकें। </p> |
| title | शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में गूगल जेमिनी चैटबॉट की स्वीकृति एवं उपयोग के प्रति प्राथमिक शिक्षकों का प्रत्यक्षण |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.18695247 |