भारतीय दंड संहिता एवं विशेष विधानों के अंतर्गत महिलाओं का संरक्षण: एक समालोचनात्मक एवं सामाजिक-विधिक अध्ययन

Fuente: Zenodo
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Dettagli Bibliografici
Autori principali: Hema Pancholi, Dr. Nidhi Tyagi
Natura: Recurso digital
Lingua:inglese
Pubblicazione: Zenodo 2026
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author Hema Pancholi
Dr. Nidhi Tyagi
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Dr. Nidhi Tyagi
contents <p><span lang="HI">भारत में महिलाओं के विरुद्ध अपराध सामाजिक-आर्थिक</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">सांस्कृतिक तथा संरचनात्मक कारकों से प्रभावित होते हैं। महिलाओं की गरिमा</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने हेतु दंडात्मक और संरक्षणात्मक दोनों प्रकार के विधिक प्रावधान विकसित किए गए हैं। यह शोध-पत्र<em> </em>भारतीय दंड संहिता<em> </em>तथा नवीन आपराधिक कानून<em> </em>भारतीय न्याय संहिता<em> </em>के साथ-साथ प्रमुख विशेष अधिनियमों</span><em><span lang="EN-US">—</span></em><span lang="HI">घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">दहेज निषेध अधिनियम<em> </em>तथा<em> </em>कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम</span><em><span lang="EN-US">—</span></em><span lang="HI">का समालोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। अध्ययन में नवीनतम अपराध आँकड़ों</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">न्यायिक दृष्टिकोण तथा क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है। निष्कर्षतः यह पाया गया कि विधिक ढांचा व्यापक है</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">किंतु प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक जागरूकता के अभाव में अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं।</span></p> <p><strong><em><span lang="EN-US"> </span></em></strong></p>
format Recurso digital
id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_18821875
institution Zenodo
language eng
publishDate 2026
publisher Zenodo
record_format zenodo
spellingShingle भारतीय दंड संहिता एवं विशेष विधानों के अंतर्गत महिलाओं का संरक्षण: एक समालोचनात्मक एवं सामाजिक-विधिक अध्ययन
Hema Pancholi
Dr. Nidhi Tyagi
महिला संरक्षण, भारतीय दंड संहिता, विशेष अधिनियम, घरेलू हिंसा, दहेज, यौन उत्पीड़न, सामाजिक-विधिक अध्ययन
<p><span lang="HI">भारत में महिलाओं के विरुद्ध अपराध सामाजिक-आर्थिक</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">सांस्कृतिक तथा संरचनात्मक कारकों से प्रभावित होते हैं। महिलाओं की गरिमा</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने हेतु दंडात्मक और संरक्षणात्मक दोनों प्रकार के विधिक प्रावधान विकसित किए गए हैं। यह शोध-पत्र<em> </em>भारतीय दंड संहिता<em> </em>तथा नवीन आपराधिक कानून<em> </em>भारतीय न्याय संहिता<em> </em>के साथ-साथ प्रमुख विशेष अधिनियमों</span><em><span lang="EN-US">—</span></em><span lang="HI">घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">दहेज निषेध अधिनियम<em> </em>तथा<em> </em>कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम</span><em><span lang="EN-US">—</span></em><span lang="HI">का समालोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। अध्ययन में नवीनतम अपराध आँकड़ों</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">न्यायिक दृष्टिकोण तथा क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है। निष्कर्षतः यह पाया गया कि विधिक ढांचा व्यापक है</span><em><span lang="EN-US">, </span></em><span lang="HI">किंतु प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक जागरूकता के अभाव में अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं।</span></p> <p><strong><em><span lang="EN-US"> </span></em></strong></p>
title भारतीय दंड संहिता एवं विशेष विधानों के अंतर्गत महिलाओं का संरक्षण: एक समालोचनात्मक एवं सामाजिक-विधिक अध्ययन
topic महिला संरक्षण, भारतीय दंड संहिता, विशेष अधिनियम, घरेलू हिंसा, दहेज, यौन उत्पीड़न, सामाजिक-विधिक अध्ययन
url https://doi.org/10.5281/zenodo.18821875