जनपद मेरठ में गन्ना उत्पादन की प्रवृत्तियों, उत्पादकता, क्षेत्रफल परिवर्तन और स्थानिक विविधता का भौगोलिक विश्लेषणात्मक अध्ययन
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Zenodo
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| Autore principale: | |
|---|---|
| Natura: | Recurso digital |
| Lingua: | hindi |
| Pubblicazione: |
Zenodo
2026
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| Soggetti: | |
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| _version_ | 1866901705030893568 |
|---|---|
| author | Kumari, Swati |
| author_facet | Kumari, Swati |
| contents | <div>गन्ना भारत की प्रमुख नकदी फसल है तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का <strong>मेरठ जनपद</strong> गन्ना उत्पादन एवं चीनी उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य वर्ष <strong>2014-15 से 2023-24</strong> तक मेरठ जनपद में गन्ना उत्पादक क्षेत्र, कुल उत्पादन एवं प्रति हेक्टेयर उपज में हुए कालिक एवं स्थानिक परिवर्तनों का भौगोलिक एवं सांख्यिकीय विश्लेषण करना है। अध्ययन हेतु द्वितीयक आंकड़ों का संकलन <strong>कृषि विभाग एवं जिला सांख्यिकी अभिलेखों</strong> से किया गया तथा विश्लेषण के लिए प्रतिशत, तुलनात्मक एवं समय-श्रृंखला पद्धतियों का उपयोग किया गया।</div> <div>शोध के परिणामों से स्पष्ट होता है कि अध्ययन अवधि के दौरान गन्ना क्षेत्रफल 1,28,816 हेक्टेयर से बढ़कर 1,55,549 हेक्टेयर हो गया, जो <strong>20.75 प्रतिशत</strong> की वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार, कुल उत्पादन 91.65 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 145.63 लाख मीट्रिक टन हो गया, जिसमें लगभग <strong>59 प्रतिशत</strong> की भारी वृद्धि दर्ज की गई। उत्पादकता (प्रति हेक्टेयर उपज) में भी लगभग <strong>28-29 प्रतिशत</strong> का सुधार देखा गया। विकासखंड स्तर पर <strong>दौराला</strong> में सर्वाधिक 30.35 प्रतिशत क्षेत्रीय विस्तार हुआ, जबकि मवाना एवं परीक्षितगढ़ में भी उल्लेखनीय वृद्धि पाई गई। निष्कर्षतः, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं की सुदृढ़ता एवं चीनी मिलों की सुलभ उपलब्धता ने मेरठ जनपद को गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में एक अग्रणी स्थान प्रदान किया है।</div> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_18856640 |
| institution | Zenodo |
| language | hin |
| publishDate | 2026 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | जनपद मेरठ में गन्ना उत्पादन की प्रवृत्तियों, उत्पादकता, क्षेत्रफल परिवर्तन और स्थानिक विविधता का भौगोलिक विश्लेषणात्मक अध्ययन Kumari, Swati गन्ना उत्पादन, क्षेत्रीय विश्लेषण, मेरठ जनपद, कृषि भूगोल, चीनी उद्योग, उत्पादकता, नकदी फसल। <div>गन्ना भारत की प्रमुख नकदी फसल है तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का <strong>मेरठ जनपद</strong> गन्ना उत्पादन एवं चीनी उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य वर्ष <strong>2014-15 से 2023-24</strong> तक मेरठ जनपद में गन्ना उत्पादक क्षेत्र, कुल उत्पादन एवं प्रति हेक्टेयर उपज में हुए कालिक एवं स्थानिक परिवर्तनों का भौगोलिक एवं सांख्यिकीय विश्लेषण करना है। अध्ययन हेतु द्वितीयक आंकड़ों का संकलन <strong>कृषि विभाग एवं जिला सांख्यिकी अभिलेखों</strong> से किया गया तथा विश्लेषण के लिए प्रतिशत, तुलनात्मक एवं समय-श्रृंखला पद्धतियों का उपयोग किया गया।</div> <div>शोध के परिणामों से स्पष्ट होता है कि अध्ययन अवधि के दौरान गन्ना क्षेत्रफल 1,28,816 हेक्टेयर से बढ़कर 1,55,549 हेक्टेयर हो गया, जो <strong>20.75 प्रतिशत</strong> की वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार, कुल उत्पादन 91.65 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 145.63 लाख मीट्रिक टन हो गया, जिसमें लगभग <strong>59 प्रतिशत</strong> की भारी वृद्धि दर्ज की गई। उत्पादकता (प्रति हेक्टेयर उपज) में भी लगभग <strong>28-29 प्रतिशत</strong> का सुधार देखा गया। विकासखंड स्तर पर <strong>दौराला</strong> में सर्वाधिक 30.35 प्रतिशत क्षेत्रीय विस्तार हुआ, जबकि मवाना एवं परीक्षितगढ़ में भी उल्लेखनीय वृद्धि पाई गई। निष्कर्षतः, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं की सुदृढ़ता एवं चीनी मिलों की सुलभ उपलब्धता ने मेरठ जनपद को गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में एक अग्रणी स्थान प्रदान किया है।</div> |
| title | जनपद मेरठ में गन्ना उत्पादन की प्रवृत्तियों, उत्पादकता, क्षेत्रफल परिवर्तन और स्थानिक विविधता का भौगोलिक विश्लेषणात्मक अध्ययन |
| topic | गन्ना उत्पादन, क्षेत्रीय विश्लेषण, मेरठ जनपद, कृषि भूगोल, चीनी उद्योग, उत्पादकता, नकदी फसल। |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.18856640 |