शहरी और ग्रामीण समाज में समलैंगिकता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन

Fuente: Zenodo
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Autor principal: डॉ. सुरभि गोस्वामी
Formato: Recurso digital
Lenguaje:hindi
Publicado: Zenodo 2026
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author डॉ. सुरभि गोस्वामी
author_facet डॉ. सुरभि गोस्वामी
contents <p><span lang="EN">समकालीन समाज में लैंगिकता और यौनिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो रही है। विशेष रूप से समलैंगिकता के विषय ने सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। लंबे समय तक भारतीय समाज में समलैंगिकता को सामाजिक मान्यताओं के विरुद्ध समझा जाता रहा और इसे सार्वजनिक चर्चा से बाहर रखा गया। परिणामस्वरूप समलैंगिक व्यक्तियों को सामाजिक अस्वीकृति, भेदभाव और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा।</span></p> <p><span lang="EN">हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक परिवर्तनों, शिक्षा के प्रसार, मीडिया के प्रभाव और न्यायिक निर्णयों के कारण समाज में इस विषय के प्रति दृष्टिकोण में परिवर्तन दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में समलैंगिकता से संबंधित चर्चाएँ अपेक्षाकृत अधिक खुलकर सामने आने लगी हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक मान्यताओं का प्रभाव अधिक होने के कारण इस विषय के प्रति दृष्टिकोण अपेक्षाकृत रूढ़िवादी दिखाई देता है।</span></p> <p><span lang="EN">प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण समाज में समलैंगिकता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन करना है। इस शोध के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया गया है कि दोनों सामाजिक परिवेशों में समलैंगिकता को किस प्रकार देखा और समझा जाता है तथा इन दृष्टिकोणों को प्रभावित करने वाले सामाजिक और सांस्कृतिक कारक कौन-कौन से हैं।</span></p> <p><span lang="EN">यह अध्ययन इस बात को भी स्पष्ट करता है कि आधुनिक शिक्षा, मीडिया और शहरी जीवन शैली के कारण शहरी समाज में समलैंगिकता के प्रति अपेक्षाकृत अधिक सहिष्णुता देखने को मिलती है, जबकि ग्रामीण समाज में पारंपरिक मान्यताओं के कारण अभी भी इस विषय को सामाजिक स्वीकृति प्राप्त करने में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार यह अध्ययन समलैंगिकता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में मौजूद भिन्नताओं को समझने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।</span></p>
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id zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_19315377
institution Zenodo
language hin
publishDate 2026
publisher Zenodo
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spellingShingle शहरी और ग्रामीण समाज में समलैंगिकता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन
डॉ. सुरभि गोस्वामी
समलैंगिकता, सामाजिक दृष्टिकोण, शहरी समाज, ग्रामीण समाज, लैंगिक पहचान
<p><span lang="EN">समकालीन समाज में लैंगिकता और यौनिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो रही है। विशेष रूप से समलैंगिकता के विषय ने सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। लंबे समय तक भारतीय समाज में समलैंगिकता को सामाजिक मान्यताओं के विरुद्ध समझा जाता रहा और इसे सार्वजनिक चर्चा से बाहर रखा गया। परिणामस्वरूप समलैंगिक व्यक्तियों को सामाजिक अस्वीकृति, भेदभाव और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा।</span></p> <p><span lang="EN">हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक परिवर्तनों, शिक्षा के प्रसार, मीडिया के प्रभाव और न्यायिक निर्णयों के कारण समाज में इस विषय के प्रति दृष्टिकोण में परिवर्तन दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में समलैंगिकता से संबंधित चर्चाएँ अपेक्षाकृत अधिक खुलकर सामने आने लगी हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक मान्यताओं का प्रभाव अधिक होने के कारण इस विषय के प्रति दृष्टिकोण अपेक्षाकृत रूढ़िवादी दिखाई देता है।</span></p> <p><span lang="EN">प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण समाज में समलैंगिकता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन करना है। इस शोध के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया गया है कि दोनों सामाजिक परिवेशों में समलैंगिकता को किस प्रकार देखा और समझा जाता है तथा इन दृष्टिकोणों को प्रभावित करने वाले सामाजिक और सांस्कृतिक कारक कौन-कौन से हैं।</span></p> <p><span lang="EN">यह अध्ययन इस बात को भी स्पष्ट करता है कि आधुनिक शिक्षा, मीडिया और शहरी जीवन शैली के कारण शहरी समाज में समलैंगिकता के प्रति अपेक्षाकृत अधिक सहिष्णुता देखने को मिलती है, जबकि ग्रामीण समाज में पारंपरिक मान्यताओं के कारण अभी भी इस विषय को सामाजिक स्वीकृति प्राप्त करने में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार यह अध्ययन समलैंगिकता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में मौजूद भिन्नताओं को समझने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।</span></p>
title शहरी और ग्रामीण समाज में समलैंगिकता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन
topic समलैंगिकता, सामाजिक दृष्टिकोण, शहरी समाज, ग्रामीण समाज, लैंगिक पहचान
url https://doi.org/10.5281/zenodo.19315377