भारत एवं उत्तराखण्ड राज्य में नशा मुक्त जागरूकता अभियान व कार्य योजनाएं : संक्षिप्त विवरण
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Zenodo
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| 1. Verfasser: | |
|---|---|
| Format: | Recurso digital |
| Sprache: | Hindi |
| Veröffentlicht: |
Zenodo
2022
|
| Schlagworte: | |
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| _version_ | 1866901710985756672 |
|---|---|
| author | Gupta, Dinesh Kumar |
| author_facet | Gupta, Dinesh Kumar |
| contents | <p>सारांश :</p> <p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मादक पदार्थों का उपयोग जैसे शराब और अवैध नशीली दवाओं सहित मनोवैज्ञानिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है। इसके इस्तेमाल पर नियंत्रण के बावजूद, वैश्विक स्तर पर नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। नशीले पदार्थों का उपयोग सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म देता है।</p> <p>शराब और नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे व्यक्ति की कार्यक्षमता में कमी, दुर्घटनाओं की संभावना, पारिवारिक तनाव, आर्थिक समस्याएं और सामाजिक असुरक्षा जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। नशे की लत व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</p> <p>नशे के दुष्प्रभावों में शारीरिक रोग, मानसिक तनाव, अपराध, घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं, बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्याएं शामिल हैं। इससे व्यक्ति का जीवन असंतुलित हो जाता है और परिवार तथा समाज पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।</p> <p>भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत शिक्षा संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विभागों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज को नशा मुक्त बनाना और युवाओं को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की ओर प्रेरित करना है।</p> |
| format | Recurso digital |
| id | zenodo_https___doi_org_10_5281_zenodo_20307645 |
| institution | Zenodo |
| language | hin |
| publishDate | 2022 |
| publisher | Zenodo |
| record_format | zenodo |
| spellingShingle | भारत एवं उत्तराखण्ड राज्य में नशा मुक्त जागरूकता अभियान व कार्य योजनाएं : संक्षिप्त विवरण Gupta, Dinesh Kumar नशा मुक्ति, नशा मुक्त भारत अभियान, उत्तराखण्ड, मादक पदार्थों का दुरुपयोग, जनजागरूकता, सार्वजनिक स्वास्थ्य, युवा सशक्तिकरण, सामाजिक समस्याएं, <p>सारांश :</p> <p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मादक पदार्थों का उपयोग जैसे शराब और अवैध नशीली दवाओं सहित मनोवैज्ञानिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है। इसके इस्तेमाल पर नियंत्रण के बावजूद, वैश्विक स्तर पर नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। नशीले पदार्थों का उपयोग सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म देता है।</p> <p>शराब और नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे व्यक्ति की कार्यक्षमता में कमी, दुर्घटनाओं की संभावना, पारिवारिक तनाव, आर्थिक समस्याएं और सामाजिक असुरक्षा जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। नशे की लत व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</p> <p>नशे के दुष्प्रभावों में शारीरिक रोग, मानसिक तनाव, अपराध, घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं, बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्याएं शामिल हैं। इससे व्यक्ति का जीवन असंतुलित हो जाता है और परिवार तथा समाज पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।</p> <p>भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत शिक्षा संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विभागों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज को नशा मुक्त बनाना और युवाओं को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की ओर प्रेरित करना है।</p> |
| title | भारत एवं उत्तराखण्ड राज्य में नशा मुक्त जागरूकता अभियान व कार्य योजनाएं : संक्षिप्त विवरण |
| topic | नशा मुक्ति, नशा मुक्त भारत अभियान, उत्तराखण्ड, मादक पदार्थों का दुरुपयोग, जनजागरूकता, सार्वजनिक स्वास्थ्य, युवा सशक्तिकरण, सामाजिक समस्याएं, |
| url | https://doi.org/10.5281/zenodo.20307645 |